आगरा। जनशिकायतों के निस्तारण में आगरा पुलिस कमिश्नरेट ने एक बार फिर प्रदेश स्तर पर बेहतर प्रदर्शन किया है। अगस्त 2026 की IGRS रैंकिंग में आगरा पुलिस कमिश्नरेट ने पहला स्थान हासिल किया है। कमिश्नरेट को मूल्यांकन के सभी 10 मानकों पर 100 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए हैं।
अगस्त माह में आगरा पुलिस कमिश्नरेट से संबंधित 5,874 शिकायतों पर शासन स्तर से शिकायतकर्ताओं का फीडबैक लिया गया। शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता और शिकायतकर्ता की संतुष्टि के आधार पर आगरा पुलिस को पूरे अंक मिले।
5,874 शिकायतकर्ताओं से लिया गया फीडबैक
उत्तर प्रदेश सरकार की एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (IGRS) पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण की नियमित समीक्षा की जाती है। इस व्यवस्था में केवल शिकायत बंद होने को ही आधार नहीं माना जाता, बल्कि निस्तारण की गुणवत्ता और शिकायतकर्ता की प्रतिक्रिया को भी महत्व दिया जाता है।
अगस्त की रैंकिंग के दौरान आगरा पुलिस कमिश्नरेट से जुड़ी 5,874 शिकायतों पर फीडबैक लिया गया। इसके बाद जारी मूल्यांकन में आगरा पुलिस ने सभी 10 मानकों पर 100 फीसदी अंक हासिल किए।
रोजाना होती है शिकायतों की मॉनिटरिंग
पुलिस कमिश्नरेट स्तर पर जनशिकायतों की नियमित निगरानी की जाती है। सुबह 10 बजे से 10:30 बजे के बीच शिकायतों की मॉनिटरिंग कर उनकी स्थिति की समीक्षा की जाती है।
शिकायतों के निस्तारण में देरी या गुणवत्ता से जुड़ी कमियों पर संबंधित अधिकारियों का ध्यान दिलाया जाता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक समाधान हो।
प्रतिदिन करीब 20 शिकायतकर्ताओं से लिया जाता है फीडबैक
पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने बताया कि प्रतिदिन करीब 20 शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लेकर यह जानने का प्रयास किया जाता है कि उनकी समस्या का संतोषजनक समाधान हुआ है या नहीं।
उनके अनुसार, शिकायत निस्तारण केवल रिकॉर्ड या आंकड़ों तक सीमित नहीं है। कार्रवाई के बाद यह जानना भी जरूरी है कि शिकायतकर्ता को वास्तव में राहत मिली या नहीं.
कम अंक मिलने पर अधिकारियों की समीक्षा
शिकायतों के निस्तारण की व्यवस्था में अधिकारियों के प्रदर्शन की भी निगरानी की जाती है। जिन अधिकारियों के अंक 40 से कम होते हैं, उनके लिए शुक्रवार की परेड में उपस्थित रहना अनिवार्य किया जाता है।
इस दौरान शिकायतों के निस्तारण और कार्यप्रणाली की समीक्षा की जाती है, ताकि व्यवस्था में सुधार किया जा सके।
क्या है IGRS?
IGRS यानी एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली उत्तर प्रदेश सरकार की ऑनलाइन जनशिकायत व्यवस्था है। इसके माध्यम से नागरिक विभिन्न मामलों से जुड़ी शिकायतें ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं।
शासन स्तर पर दर्ज शिकायतों की मॉनिटरिंग की जाती है। शिकायतों के निस्तारण की गति, गुणवत्ता और शिकायतकर्ता की संतुष्टि जैसे बिंदुओं के आधार पर संबंधित विभागों और इकाइयों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जाता है।
शिकायतकर्ता को वास्तविक समाधान दिलाने पर जोर
आगरा पुलिस कमिश्नरेट का कहना है कि शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता और त्वरित कार्रवाई को प्राथमिकता दी जा रही है। पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार के अनुसार, व्यवस्था का उद्देश्य केवल शिकायतों की संख्या कम करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि शिकायतकर्ता की समस्या का संतोषजनक समाधान हो।
अगस्त की IGRS रैंकिंग में प्रदेश में पहला स्थान हासिल करने के साथ आगरा पुलिस कमिश्नरेट ने जनशिकायतों के निस्तारण में अपनी मजबूत स्थिति दर्ज कराई है।
एक नजर में
अगस्त 2026 की IGRS रैंकिंग में आगरा पुलिस कमिश्नरेट प्रदेश में पहले स्थान पर
सभी 10 मानकों पर मिले 100 प्रतिशत अंक
5,874 शिकायतों पर लिया गया फीडबैक
रोजाना सुबह 10 से 10:30 बजे तक शिकायतों की मॉनिटरिंग
प्रतिदिन करीब 20 शिकायतकर्ताओं से लिया जाता है फीडबैक
40 से कम अंक वाले अधिकारियों की विशेष समीक्षा
नोट: IGRS रैंकिंग से संबंधित यह जानकारी उपलब्ध रिपोर्ट और संबंधित अधिकारियों द्वारा साझा किए गए तथ्यों के आधार पर प्रकाशित की गई है। भविष्य में किसी आधिकारिक संशोधन या नई जानकारी के अनुसार खबर को अपडेट किया जा सकता है।
