वॉशिंगटन। तकनीक अब लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी जानकारी हासिल करने का माध्यम भी बनती जा रही है। अमेरिका में बड़ी संख्या में लोग बीमारी के लक्षण समझने, मेडिकल रिपोर्ट पढ़ने और इलाज से जुड़ी जानकारी हासिल करने के लिए एआई चैटबॉट का सहारा ले रहे हैं।
अमेरिका में 3,488 वयस्कों पर किए गए एक सर्वे में सामने आया कि 34 प्रतिशत लोगों ने किसी न किसी स्वास्थ्य या चिकित्सा वजह से एआई चैटबॉट का इस्तेमाल किया। सर्वे में शामिल लोगों ने बताया कि उन्हें तत्काल जानकारी हासिल करने और डॉक्टर के पास जाने से पहले अपनी समस्या को समझने में एआई उपयोगी लगता है।
लक्षणों से बीमारी समझने में भी मदद
सर्वे के अनुसार करीब 25 प्रतिशत लोग अपने लक्षणों के आधार पर संभावित बीमारी समझने के लिए एआई टूल की मदद ले रहे हैं। वहीं कुछ लोग डॉक्टर द्वारा बताई गई बीमारी, इलाज और दवाओं के बारे में आसान भाषा में जानकारी हासिल करने के लिए चैटबॉट का इस्तेमाल कर रहे हैं। मेडिकल टेस्ट और ब्लड रिपोर्ट जैसी चीजों को समझने में भी एआई का इस्तेमाल बढ़ रहा है। जटिल मेडिकल शब्दों और रिपोर्ट में दर्ज आंकड़ों का सामान्य भाषा में अर्थ समझने के लिए लोग चैटबॉट से सवाल कर रहे हैं।
डॉक्टर के पास जाने का फैसला लेने में भी इस्तेमाल
कुछ लोग यह जानने के लिए भी एआई से जानकारी लेते हैं कि उनके लक्षण कितने गंभीर हैं और उन्हें डॉक्टर या अस्पताल जाने की जरूरत है या नहीं। महंगी डॉक्टर कंसल्टेशन फीस से बचना और तुरंत जवाब मिलना भी एआई इस्तेमाल करने की प्रमुख वजहों में शामिल बताया गया है।
ज्यादातर यूजर्स को मिली जानकारी उपयोगी
सर्वे में स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के लिए एआई इस्तेमाल करने वाले लोगों में बड़ी संख्या ने इसे उपयोगी माना। हालांकि, स्वास्थ्य संबंधी मामलों में एआई से मिली जानकारी को डॉक्टर की जांच और चिकित्सकीय सलाह का विकल्प नहीं माना जा सकता।
निजी स्वास्थ्य जानकारी साझा करने पर चिंता
एआई चैटबॉट के बढ़ते इस्तेमाल के साथ निजी स्वास्थ्य डेटा की सुरक्षा भी एक अहम सवाल बनकर सामने आई है। लोग इस बात को लेकर चिंतित हैं कि चैटबॉट के साथ साझा की गई स्वास्थ्य संबंधी जानकारी का इस्तेमाल किस तरह किया जाता है।
NICA न्यूज़ नोट: एआई चैटबॉट सामान्य जानकारी समझने में मददगार हो सकते हैं, लेकिन बीमारी का निदान या इलाज तय करने के लिए केवल एआई पर निर्भर रहना उचित नहीं है। गंभीर लक्षण होने पर योग्य डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
