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गोरखपुर में पशु चिकित्सक की मौत: ₹1.40 करोड़ की कथित ठगी की FIR के 7 दिन बाद हुई घटना, जांच में जुटी पुलिस

गोरखपुर। गोरखनाथ क्षेत्र के राजेंद्र नगर स्थित बसंत इंक्लेव अपार्टमेंट में गुरुवार सुबह पशु चिकित्सक डॉ. परमात्मा सिंह की मौत से हड़कंप मच गया। डॉक्टर की मौत ऐसे समय हुई, जब वह कुछ दिन पहले ही करीब 1.40 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज करा चुके थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

अपार्टमेंट में हुई घटना

पुलिस के मुताबिक, गुरुवार सुबह बसंत इंक्लेव से एक व्यक्ति के गिरने की सूचना मिली। पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो व्यक्ति की पहचान डॉ. परमात्मा सिंह के रूप में हुई। परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू की।

डॉ. परमात्मा सिंह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ अपार्टमेंट में रहते थे। उनकी पत्नी भी पशु चिकित्सक हैं। डॉक्टर वर्तमान में महराजगंज जिले में पशु चिकित्सक के पद पर तैनात बताए गए हैं।

आठ दिन पहले दर्ज कराई थी FIR

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, डॉ. परमात्मा सिंह ने 5 अगस्त 2026 को एम्स थाने में करीब 1.40 करोड़ रुपये की कथित ठगी को लेकर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत में एक महिला, उसके अधिकारी पिता, शिक्षक पति और अन्य लोगों पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया था। मामले में महिला आरोपी और उसके पिता की गिरफ्तारी की जानकारी भी सामने आई है।

शिकायत के अनुसार, मामला बैंक लोन दिलाने और उससे जुड़े लेन-देन से संबंधित था। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इस कथित वित्तीय विवाद और डॉक्टर की मौत के बीच क्या संबंध था।

जेब से मिला कथित सुसाइड नोट

घटना की जांच के दौरान पुलिस को डॉक्टर की जेब से एक पेज का कथित सुसाइड नोट मिलने की बात सामने आई है। रिपोर्टों के अनुसार, नोट में डॉक्टर ने कथित ठगी के मामले में आरोपी महिला को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार बताया है।

हालांकि, सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस नोट की जांच के साथ-साथ पूरे मामले से जुड़े दस्तावेज, बैंक लेन-देन और अन्य साक्ष्यों को भी खंगाल रही है।

परिवार ने आर्थिक दबाव की बात कही

मीडिया रिपोर्टों में डॉक्टर की पत्नी के हवाले से बताया गया है कि कथित लोन और बैंक से जुड़े फोन के कारण डॉक्टर तनाव में थे। परिआरोपीवार का कहना है कि वह बड़ी रकम और उसकी किस्तों को लेकर परेशान चल रहे थे। हालांकि, मौत की पूरी परिस्थितियों और उसके कारण को लेकर पुलिस जांच के बाद ही अंतिम तस्वीर स्पष्ट होगी।

आरोपी पक्ष पर भी जांच जारी

कथित ठगी के मामले में जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई पहले से चल रही है। अब डॉक्टर की मौत के बाद जांच का दायरा और महत्वपूर्ण हो गया है। पुलिस कथित सुसाइड नोट, FIR, बैंकिंग रिकॉर्ड और आरोपियों से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।

गोरखनाथ क्षेत्र के पुलिस अधिकारी के अनुसार, डॉक्टर की मौत की जांच में ठगी से जुड़े मुकदमे के घटनाक्रम को भी ध्यान में रखा जा रहा है।

पुलिस जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई

फिलहाल यह मामला कथित वित्तीय धोखाधड़ी और डॉक्टर की मौत से जुड़ा हुआ है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। किसी भी आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को अदालत में साबित किया जाना बाकी है।

NICA NEWS का नोट: यह खबर उपलब्ध पुलिस संबंधी जानकारी और प्रकाशित मीडिया रिपोर्टों के आधार पर तैयार की गई है। जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना उचित नहीं है।