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मेरठ पुलिस में बड़ा एक्शन: ऑन ड्यूटी शराब के नशे में पकड़ा गया दरोगा सस्पेंड, SSP का सख्त संदेश – अब नहीं चलेगी लापरवाही!

मेरठ में पुलिस विभाग के भीतर अनुशासन को लेकर एक बड़ा एक्शन सामने आया है। ऑन ड्यूटी नशा करने के आरोप में एक दरोगा को निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अविनाश पांडेय ने सख्त संदेश के तौर पर लिया है, जिससे साफ हो गया है कि विभाग में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

क्या है पूरा मामला

मेरठ के परतापुर थाने में तैनात सब-इंस्पेक्टर मुकेश पचौरी पर आरोप लगा था कि वह ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में थे। स्थानीय स्तर पर मिली शिकायतों के बाद इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी ने तत्काल जांच के आदेश दिए। शुरुआती जांच में आरोप सही पाए गए, जिसके बाद बिना देर किए दरोगा को निलंबित कर दिया गया।बताया जा रहा है कि यह कोई एक दिन की घटना नहीं थी, बल्कि दरोगा के व्यवहार को लेकर पहले से ही कई शिकायतें सामने आ रही थीं। नशे में ड्यूटी करने के अलावा आम लोगों और सहकर्मियों के साथ उनके व्यवहार को लेकर भी सवाल उठे थे। इन सब शिकायतों की पुष्टि होने के बाद विभाग ने सख्त कदम उठाया।

जांच और आगे की कार्रवाई

इस पूरे मामले की विस्तृत विभागीय जांच अब सीओ ब्रह्मपुरी सौम्या अस्थाना को सौंपी गई है। उनसे अपेक्षा की गई है कि वह पूरे प्रकरण की गहराई से जांच कर रिपोर्ट सौंपें, ताकि आगे और सख्त कार्रवाई की जा सके। यदि जांच में और गंभीर तथ्य सामने आते हैं, तो दरोगा के खिलाफ विभागीय दंड और बढ़ सकता है।

एसएसपी का सख्त रुख

मेरठ का चार्ज संभालने के बाद से ही एसएसपी अविनाश पांडेय लगातार अनुशासन को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए हैं। उन्होंने साफ कर दिया था कि पुलिस की छवि खराब करने वाले किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। इसी क्रम में उन्होंने पहले कई पुलिसकर्मियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया और अब सीधे कार्रवाई का सिलसिला शुरू कर दिया है।

पुलिस विभाग को संदेश

इस कार्रवाई को पुलिस विभाग के भीतर एक सख्त चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। इससे यह संदेश गया है कि ड्यूटी के दौरान लापरवाही, खासकर नशे जैसी गंभीर गलती, अब बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उच्च अधिकारियों का स्पष्ट निर्देश है कि कानून व्यवस्था संभालने वाली पुलिस खुद अनुशासन में रहे, तभी जनता का भरोसा कायम रह सकता है।

जनता की प्रतिक्रिया

इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों में भी चर्चा का माहौल है। कई लोगों ने इस कदम को सही बताते हुए कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी बहुत बड़ी होती है, ऐसे में ड्यूटी पर नशा करना बेहद गंभीर मामला है और इस पर सख्त कार्रवाई जरूरी है।

निष्कर्ष:

मेरठ में यह कार्रवाई सिर्फ एक दरोगा के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरे पुलिस तंत्र के लिए एक संदेश है कि नियमों से कोई समझौता नहीं होगा। आने वाले समय में ऐसे मामलों पर और भी सख्ती देखने को मिल सकती है।