प्रयागराज कमिश्नरेट की साइबर क्राइम थाना एवं साइबर सेल की संयुक्त टीम ने एक संगठित फर्जी सिम कार्ड रैकेट का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपी की पहचान शिवकुटी थाना क्षेत्र के रशूलाबाद तेलीयरगंज निवासी अभिनव बिन्द (28 वर्ष) के रूप में हुई है. पुलिस ने आरोपी को रामजानकी मंदिर, गंगा रिवर फ्रंट मेहदौरी के पास से गिरफ्तार किया.
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी बायोमेट्रिक क्लोनिंग तकनीक के माध्यम से फर्जी सिम कार्ड तैयार करता था, जिनका उपयोग ऑनलाइन धोखाधड़ी एवं अन्य वित्तीय अपराधों में किया जाता था. पूछताछ के दौरान यह तथ्य उजागर हुआ कि आरोपी सिम कार्ड उपलब्ध कराने के बहाने आम नागरिकों के अंगूठों के निशान चोरी-छिपे प्राप्त कर लेता था. इसके पश्चात उन फिंगरप्रिंट्स का नकली क्लोन तैयार कर बायोमेट्रिक मशीन के माध्यम से फर्जी तरीके से सिम कार्ड एक्टिवेट करता था. इन सक्रिय सिम कार्डों को वह साइबर अपराधियों को ऊंची कीमत पर बेच देता था.
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि इन फर्जी सिम कार्डों से संबंधित कई वित्तीय एवं गैर-वित्तीय शिकायतें एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज हैं. आरोपी के कब्जे से कुल 353 सिम कार्ड बरामद किए गए हैं, जिनमें एक्टिवेटेड, डी-एक्टिवेटेड एवं प्री-एक्टिवेटेड सिम शामिल हैं. इसके अतिरिक्त, पुलिस ने तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन, एक कीपैड फोन, एक जियो भारत 4जी फोन, एक बायोमेट्रिक मशीन, फिंगरप्रिंट क्लोन के नमूने, आधार कार्ड, वोटर आईडी, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक, एक पावर बैंक तथा ₹17,000 नकद बरामद किए हैं.
इस संबंध में साइबर क्राइम थाना, कमिश्नरेट प्रयागराज में भारतीय न्याय संहिता एवं आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है. मामले से जुड़े एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है, जिसके लिए अलग टीम का गठन किया गया है. पुलिस अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की है कि सिम कार्ड बनवाते समय अपने बायोमेट्रिक विवरण एवं पहचान संबंधी दस्तावेजों को लेकर विशेष सतर्कता बरतें. किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा नजदीकी पुलिस थाने को दें, ताकि साइबर अपराधों पर समय रहते प्रभावी नियंत्रण किया जा सके.
