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रक्षा मंत्रालय के सेवानिवृत्त अधिकारी को डिजिटल अरेस्ट कर 35 लाख रुपये ऐठे.

साइबर जालसाजों ने रक्षा मंत्रालय के पूर्व अधिकारी को डिजिटल अरेस्ट कर करीब 35 लाख रुपये ठग लिए. ठगों ने उन्हें मनी लांडिंग और नशा तस्करी का आरोपी बताते हुए फर्जी सीबीआई की एफआईआर भेजी और जेल भेजने का डर दिखाकर ब्लैकमेल किया. और कॉल पर ही जांच व सत्यापन के नाम पर रकम ट्रांसफर करा ली. उन्हें 15 दिन तक डिजिटल अरेस्ट करके रखा गया. बाद में उन्हें ठगी का पता चला. इसके बाद उन्होंने साइबर अपराध थाने में केस दर्ज कराया है.

रिटायर्ड अधिकारी ने बताया कि 21 अगस्त को आरुषि अग्रवाल नाम कि कॉल आई. कॉलर ने खुद को गुरुग्राम एयरटेल कंपनी से बताया. उसने कहा कि 21 जुलाई को उनकी आधार आईडी का दुरुपयोग करके मुंबई के पते पर एक नंबर लिया गया है. इस नंबर का इस्तेमाल ऑनलाइन बैटिंग, ब्लैकमेलिंग, मनी लॉन्डिंग आदि में किया जा रहा है.

उन्हें व्हाट्सऐप पर एक पत्र मिला, जिसमें सीबीआई का पत्र था. उसमें उन्हें मनी लांड्रिंग, पहचान छिपाने वाला आरोपी दिखाकर उनसे जबरन लगभग 35 लाख रुपये खाते में ट्रांसफर करवाए. उन्हें 15 दिन तक डिजिटल अरेस्ट करके रखा. बाद में उन्हें ठगी का पता चला. इसके बाद उन्होंने साइबर थाने में केस दर्ज कराया. एडीसीपी क्राइम पीयूष सिंह का कहना है कि जालसाजों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है. आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी होगी.