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UP में 26 सरकारी डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई, 8 के मामलों में विभागीय जांच के आदेश

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े चिकित्सकों के खिलाफ बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जानकारी सामने आई है। प्रकाशित मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, लंबे समय से कथित तौर पर बिना सूचना ड्यूटी से अनुपस्थित रहने के मामलों में 26 सरकारी डॉक्टरों को सेवा से हटाए जाने की कार्रवाई की गई है। वहीं, 8 अन्य चिकित्सकों के मामलों में विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।

 

रिपोर्ट के अनुसार, यह कार्रवाई डिप्टी सीएम एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक के निर्देशों के बाद की गई। सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं में मरीजों के उपचार और चिकित्सीय दायित्वों के प्रति लापरवाही को गंभीरता से लेने की बात कही है।

 

विभिन्न जिलों के डॉक्टरों पर कार्रवाई

प्रकाशित जानकारी के अनुसार, कार्रवाई की जद में आए चिकित्सक उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) और अन्य सरकारी अस्पतालों में तैनात थे। मीडिया रिपोर्टों में संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ कथित तौर पर बिना सूचना लंबे समय तक ड्यूटी से अनुपस्थित रहने और चिकित्सीय दायित्वों में लापरवाही बरतने के आरोपों का उल्लेख किया गया है।

 

8 चिकित्सकों के मामलों की होगी जांच

इसके अलावा 8 अन्य चिकित्सकों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने के आदेश दिए जाने की जानकारी भी सामने आई है। इन मामलों में लगाए गए कथित आरोपों की जांच विभागीय प्रक्रिया के तहत की जाएगी। जांच पूरी होने से पहले संबंधित चिकित्सकों के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को अंतिम रूप से सिद्ध नहीं माना जा सकता।

 

स्वास्थ्य सेवाओं में जवाबदेही पर जोर

सरकार ने संकेत दिया है कि मरीजों के उपचार, चिकित्सीय दायित्वों और ड्यूटी से संबंधित मामलों में कथित लापरवाही या अनुशासनहीनता को गंभीरता से लिया जाएगा।

 

नोट : यह समाचार उपलब्ध प्रकाशित मीडिया रिपोर्टों के आधार पर तैयार किया गया है। संबंधित चिकित्सकों के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है। अंतिम तथ्य, कार्रवाई की कानूनी स्थिति और जांच का निष्कर्ष संबंधित विभाग के आधिकारिक आदेशों एवं रिकॉर्ड के अनुसार माना जाएगा।

 

— NICA NEWS | सच की आवाज़